CHINTAN JAROORI HAI

जीवन का संगीत

171 Posts

982 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 14778 postid : 583913

जीवन के संगीत को देखो [कविता]

  • SocialTwist Tell-a-Friend

जीवन के संगीत को देखो

सपनोँ मेँ अपनी जीत को देखो

मेघ गरजते घड घड घड घड

बूँदे गिरती तड तड तड तड

नदीयाँ बहती कल कल कल कल

कितनी विहवल कितनी निशचल

नदियाँ पर्वत फूल पत्तियाँ

बादल झरने और बिजलियाँ

सबकी अपनी ही एक लय है

इनका संगीत आनंदमय है

भोर धरा की जादूई बेला

प्रथम किरण का आनंद वो पहला

निर्मल सुबह का आगाज

पंछी की पहली परवाज

प्रस्फुटित सुगन्धित हवा है बहती

संगीत बनकर तुमसे कहती

मुस्कराहट मेँ भी संगीत है

कदमोँ की आहट मेँ संगीत है

मंदिर की घंटी मेँ संगीत है

कितना मधुर कोयल का गीत है

प्रकृति की इस रीत को देखो

जीवन के संगीत को देखो

सपनोँ मेँ अपनी जीत को देखो

दीपक पाँडे नैनीताल



Tags:         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

8 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

anamika के द्वारा
August 25, 2013

जीवंत कविता…..बहुत बढ़िया

    deepakbijnory के द्वारा
    August 26, 2013

    dhanyawaad aadarniya anamika ji

    deepakbijnory के द्वारा
    November 2, 2013

    dhanyawad bhanu ji

deepakbijnory के द्वारा
August 23, 2013

dhanyawaad aadarniya sunderpal ji

deepakbijnory के द्वारा
August 23, 2013

धन्यवाद आदरणीय भगवान् बाबु जी सराहना तथा हौसला badane के लिए

Bhagwan Babu के द्वारा
August 23, 2013

संगीत का सुन्दर व्याख्यान…

vaidya surenderpal के द्वारा
August 23, 2013

सुन्दर कविता…


topic of the week



latest from jagran