CHINTAN JAROORI HAI

जीवन का संगीत

167 Posts

979 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 14778 postid : 584909

चमन वो भी महकते हैँ जिनके बागबाँ नहीँ होते (POEM)

  • SocialTwist Tell-a-Friend

चन्द कलियोँ के मसले जाने से खौफजदा नहीँ होते

चमन वो भी महकते हैँ जिनके बागबाँ नहीँ होते

गर अँधेरा है घना समझो भोर का संदेश है

ये अँधेरे भी ज्यादा देर के मेहमाँ नहीँ होते

सब कुछ मिट जाने पर भी भविष्य रहता है बाकि

नाउम्मीदीयोँ से इस कदर परेशाँ नहीँ होते

जिन्दगी के सफर मेँ हँसते हँसाते चलो

भीड मेँ इस कदर भी बेजुबाँ नहीँ होते

ऐसा नहीँ कि अपने साथ ही होता है सब कुछ

हादसे तो हादसे हैँ कहाँ कहाँ नहीँ होते

ये जरूरी तो नहीँ जिन्दगी मेँ सब मनचाहा ही मिले

कुछ परिन्दे वो भी हैँ जिनके आशियाँ नहीँ होते

दीपक पाण्डे J N V नैनीताल



Tags:         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rastogikb के द्वारा
August 24, 2013

बहुत सुन्दर रचना , बधाई

    deepakbijnory के द्वारा
    November 2, 2013

    dhanyawad aadarniya rastogi ji

deepakbijnory के द्वारा
August 23, 2013

धन्यवाद आदरणीय सीमा जी कविता पड़ने ,सराहना करने तथा हौसला बढाने के लिए

seemakanwal के द्वारा
August 23, 2013

bahut khoob likha deepakji.


topic of the week



latest from jagran