CHINTAN JAROORI HAI

जीवन का संगीत

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तुम ही मेरा अभिनन्दन हो [कविता]

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कविता के इस नव प्रभात मेँ ,

तुम ही मेरा वन्दन हो ।

माँ सरस्वति को करुँ समर्पित ,

तुम ही तो वह चन्दन हो।

जीवन की इस नव बगिया मेँ ,

तुम्हीँ भ्रमर का गुंजन हो।

तुम ही मेरी प्रथम प्रेरणा

तुम ही अन्तिम स्पन्दन हो ।

इस उपवन की नवीन लता का
,
तुम ही तो अवलम्बन हो।

मेरे उर की नव त्रिष्णा का
,
तुम ही वह आलिँगन हो ।

इस जीवन के प्रथम प्रणय का ,

तुम ही तो वह चुम्बन हो।

पीडा मेँ आनन्दित करता,

अग्नितप्त वह कुन्दन हो।

तुममेँ लिखता तुमको लिखता ,

तुम ही मेरा अभिनन्दन हो ।

दीपक पाँडे नैनीताल



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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

harirawat के द्वारा
August 31, 2013

सुन्दर रचना के लिए अभिवादन स्वीकार Karen Deepak जी !

    deepakbijnory के द्वारा
    October 29, 2013

    धन्यवाद आदरणीय हरिरावत जी

Jaishree Verma के द्वारा
August 28, 2013

सुन्दर लाइनें दीपक बिजनोरी !बहुत सुंदर !बधाई !

Jaishree Verma के द्वारा
August 28, 2013

तुममेँ लिखता तुमको लिखता , तुम ही मेरा अभिनन्दन हो । सुन्दर लाइनें दीपक बिजनोरी जी ! बहुत सुंदर !

    deepakbijnory के द्वारा
    August 28, 2013

    dhanyawaad aadarniya jaishree ji kavita padne hetu apna bahumulya samay nikalne ke liye dhanyawaad

yogi sarswat के द्वारा
August 27, 2013

तुम ही वह आलिँगन हो । इस जीवन के प्रथम प्रणय का , तुम ही तो वह चुम्बन हो। पीडा मेँ आनन्दित करता, अग्नितप्त वह कुन्दन हो। तुममेँ लिखता तुमको लिखता , तुम ही मेरा अभिनन्दन हो । सुन्दर शब्द पाण्डेय जी

    deepakbijnory के द्वारा
    August 27, 2013

    dhanyawaad yogen ji hausala badane ur sarahana ke liye

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
August 24, 2013

जीवन की इस नव बगिया मेँ , तुम्हीँ भ्रमर का गुंजन हो। तुम ही मेरी प्रथम प्रेरणा तुम ही अन्तिम स्पन्दन हो । बहुत सुन्दर भाव लिए प्यारी रचना भ्रमर ५

    deepakbijnory के द्वारा
    August 28, 2013

    dhanya waad aadarniya surendra ji

deepakbijnory के द्वारा
August 22, 2013

dhanyawaad aadarniya madan ji kavita ki sarahana ke liye dhanyawaad 

Madan Mohan saxena के द्वारा
August 22, 2013

बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!शुभकामनायें. आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    August 24, 2013

    dhanyawaad aadarniya madan ji kavita ki sarahana ke liye dhanyawaad Deepak


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