CHINTAN JAROORI HAI

जीवन का संगीत

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न्याय भ्रष्टाचार देव का

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नारद जी एक दिन पृथ्वी पर आये
हलवाई की दुकान देख कर चकराए
बोले क्यूँ इतना मिलावट करते हो
क्या ईश्वर से भी नहीं डरते हो
बोला हलवाई इसमे
मेरा क्या जाता है
भला हलवाई भी कभी
अपनी मिठाई खाता है
आगे एक डॉक्टर
की दूकान मिली
घटिया दवाई की कीमत
छूती असमान मिली
पूछा तो ये जवाब मिला
तेरा दिल मेरे लिए
क्यूँ डरता है
भला डॉक्टर भी कभी
बीमार पड़ता है
आगे वकील पैरवी करता मिला
मुजरिम बरी और पीड़ित डरता मिला
वकील बोल मेरा क्या जायेगा
मुजिम मेरे घर कभी न आएगा
कुछ दिन बाद नारद जी
शमशान घाट गए
तीनो मिल गए वहां
हाथ में हाथ लिए
हलवाई के बेटे पर
डेंगू ने वार किया
बच गया पर नकली
दवाई ने मार दिया
डॉक्टर के पुत्र को
मुजरिम ने अगवा किया
पहचाने जाने के डर से
फिरोती लेकर मार दिया
वकील का बेटा
पार्टी मनाने गया
जहरीली मिठाई खाकर
स्वर्ग सिधार गया
ये सब देख नारद घबराये
मन ही मन ये बद्बदाये
भ्रष्टाचार का देव
कितना सक्षम है
इस देश में उसका
अनूठा न्याय कायम है



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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

deepakbijnory के द्वारा
October 22, 2013

धन्यवाद् आदरणीय सिंह साहब ब्लॉग में आने तथा हौसला बदने के लिए

jlsingh के द्वारा
October 21, 2013

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति!

deepakbijnory के द्वारा
October 21, 2013

धन्यवाद् रंजना ji  ब्लॉग में आने के लिए तथा हौसला बढाने के लिए

ranjanagupta के द्वारा
October 21, 2013

दीपक जी रोचक है आपकी प्रस्तुतीं!!

deepakbijnory के द्वारा
October 20, 2013

dhanyawad aadarniya shalini ji

October 20, 2013

वास्तविकता को रोचक ढंग से अभिव्यक्त किया है आपने

deepakbijnory के द्वारा
October 18, 2013

धन्यवाद अभिषेक जी ब्लॉग में आने के लिए

abhishek shukla के द्वारा
October 18, 2013

बेहतरीन अभिव्यक्ति…बधाई

deepakbijnory के द्वारा
October 18, 2013

dhanyawad aadarniya madan ji

Madan Mohan saxena के द्वारा
October 18, 2013

बहुत अच्छा लिखा है आपने .आपकी लेखनी को नमन . बहुत सुन्दर . सादर मदन कभी इधर भी पधारें .


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