CHINTAN JAROORI HAI

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मासूम कली (कांटेस्ट )

Posted On: 4 Feb, 2014 कविता,Junction Forum,Contest में

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ऋतुराज बसंत आगमन
प्रणयोत्सव के उल्लास से
भरी एक कली
कब वह एक पुष्प बनेगी
एक भंवरा आयेगा
अपने अंगों में
पराग छुपाये हुए
उसका आलिंगन करेगा
उस आलिंगन के माधुर्य
में उन परागकणों
से मिल एक नव जीवन
का निर्माण होगा
वह नहीं जानती है
उसके उदभव से अब तक
उसके अपने बागान के
कंटक फूल पत्ते की
उस पर वासना भरी
कुदृष्टि है
नहीं जानती वह
इसी बागान की
कई कलियाँ खिलने से
पहले ही मसली जा चुकी हैं
किसी दिन कई भँवरे
आएंगे प्रणय निवेदन के बिना
ही उस पर टूट पड़ेंगे
उसके अंग अंग को
क्षत विक्षत कर डालेंगे
या फिर कोई भंवरा
प्रणय निवेदन से इंकार पर
उसके अंग प्रत्यंग को
जहरीले रस से झुलसा डालेगा
अफ़सोस
नादान कली
मासूम कली
ये जानती नहीं कि
इस बागान में कोई भी कली
उद्गम से अंत तक
महफूज़ नहीं है
वह ये नहीं जानती कि
प्रकृति ने जीवन के पुनर्निर्माण
के लिए जो मातृशक्ति
वरदान उसे प्रदान किया है
आज वही मातृशक्ति
का वरदान उसके लिए
मौत का सबब बन चूका है



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22 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

kavita1980 के द्वारा
February 13, 2014

जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो इस से अधिक क्या कहा जा सकता है –आभारी हूँ इस डर को समझने और शब्दों में व्यक्त करने के लिए -जिस से एक लड़की /एक महिला सर्वदा ही गुजरती है, महसूस करती है- कभी अपने लिए कभी अपनी-यों  के लिए ।

    deepakbijnory के द्वारा
    February 13, 2014

    dhanyawad kavita ji jo apne meri bhawnaon ko samjha masoom kali ko padne hetu dhanyawad

yogi sarswat के द्वारा
February 10, 2014

उसके उदभव से अब तक उसके अपने बागान के कंटक फूल पत्ते की उस पर वासना भरी कुदृष्टि है नहीं जानती वह इसी बागान की कई कलियाँ खिलने से पहले ही मसली जा चुकी हैं हर कोई इस परेशानी , इस समस्या पर आंसू बहा रहा है लेकिन समाधान , सटीक समाधान नहीं मिल पा रहा ! बढ़िया शब्द

    deepakbijnory के द्वारा
    February 12, 2014

    DHANYAWAD AADARNIYA YOGEN ISI PRAKAR MARGDARSHAN KARTE RAHEIN

aman kumar के द्वारा
February 10, 2014

बागान में कोई भी कली उद्गम से अंत तक महफूज़ नहीं है नारी शोसन पर रचना , दिल तक गयी है

    deepakbijnory के द्वारा
    February 12, 2014

    AADARNIYA AMAN JI APKO MASOOM KALI PASAND AAYI DHANYAWAD

jlsingh के द्वारा
February 8, 2014

बेहतरीन! मार्मिक! सादर, आदरणीय दीपक जी!

    deepakbijnory के द्वारा
    February 12, 2014

    AADARNIYA SINGH SAHAB BLOG ME AANE KE LIYE DHANYAWAD

abhishek shukla के द्वारा
February 8, 2014

खूबसूरत……..

    deepakbijnory के द्वारा
    February 12, 2014

    hausla badane ke liye dhanyawad aadarniya abhishek ji

yatindranathchaturvedi के द्वारा
February 7, 2014

अद्भुत,सादर

    deepakbijnory के द्वारा
    February 7, 2014

    dhanyawad aadarniya yatindra ji

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
February 6, 2014

कम शब्दों में बड़ी बात कह देना या उद्धरण में सच कह देना ही सच्ची कविता होती है ,आज का सच उजागर करने के लिए आपको बधाई दीपकजी . सादर निर्मल

    deepakbijnory के द्वारा
    February 6, 2014

    aadarniya nirmala ji yah mere liye harsh ka vishay ki aap ne masoom kali ki vedna par gaur farmaya apka is blog me aakar hausla badane ka koti koti dhanyawad

sadguruji के द्वारा
February 6, 2014

अफ़सोस नादान कली मासूम कली ये जानती नहीं कि इस बागान में कोई भी कली उद्गम से अंत तक महफूज़ नहीं है वह ये नहीं जानती कि प्रकृति ने जीवन के पुनर्निर्माण के लिए जो मातृशक्ति वरदान उसे प्रदान किया है आज वही मातृशक्ति का वरदान उसके लिए मौत का सबब बन चूका है..बहुत अच्छी कविता.स्त्रियों की प्राकृतिक सृजन शक्ति का आज चहुंओर शोषण हो रहा है.इतनी सार्थक कविता के सृजन के लिए आपको बधाई और कांटेस्ट के लिए मेरी और से ढेरों शुभकामनाएं.

    deepakbijnory के द्वारा
    February 6, 2014

    DHANYAWAD SADGURUJI APNE MASOOM KALI KA ITNA VIDWATAPURNA MULYANKAN KIYA YAH MERA SAUBHAGYA HAI KI SAMAY SAMAY PAR APKA MARGDARSHAN MILTA REHTA HAI

ranjanagupta के द्वारा
February 6, 2014

बहुत अधिक दर्द भरा सच !बधाई दीपक जी !यह दुनिया अब बहुत अधिक निर्मम हो चुकी है !!

    deepakbijnory के द्वारा
    February 6, 2014

    dhanyawad aadarniya ranjana ji mera saubhagya ki aap mere blog me aayi aur tippani dee

basant bhatt के द्वारा
February 6, 2014

दीपक जी, नमस्कार! मजा आ गया आप सचमुच महान कवी है  

    deepakbijnory के द्वारा
    February 6, 2014

    namaskar aadarniya basant ji ye to apka baddapan hai jo aap mujhe kavi ki upadhi de rahe hai varna maine to bas apne vichar prastut kiye hain

yamunapathak के द्वारा
February 4, 2014

very pathetic

    deepakbijnory के द्वारा
    February 4, 2014

    UDASIPURNA MAGAR SACH AADARNIYA YAMUNA JI


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