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चुनाव मंथन (contest )

Posted On: 8 Apr, 2014 कविता,Junction Forum,Contest में

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मतदाता हूँ मैं मुझपे न
किसी का जोर है
मेरे मत की मेरे हाथ
में ही बागडोर है
मेरा वोट पाने का वो
पहला हकदार है
वंशवाद की परंपरा का
जो तलबगार है
गरीब किसान के लिए जिसकी
आँखों में न पानी है
अपराध के क्षेत्र में जिसकी
अपनी पृष्ठभूमि है
धर्म और जाती के नाम
पर जो दंगे कराये
क्षेत्रवाद की परंपरा को भी
आगे बढ़ाये
महज़ भ्रष्टाचार ही
जिसका फ़र्ज़ हो
स्विस बैंक में भी जिसका
नाम दर्ज हो
समाज में जो बुराई की
महामारी को फैलाये
सत्ता में आते ही मदिरा
सस्ती दिलाये
इसमें से कुछ नहीं तो बस
एक बीमारी हो
कम से कम वो एक
व्यभिचारी हो
ये पड़ के पाठक क्यूँ हैं
इतना क्रोध कर रहे
चुनाव के विषय में
इतना शोध कर रहे
लिखा है जो आज इसमें
कुछ भी न नया है
पिछले कुछ दशकों से बस
यही तो हुआ है
कर लो अब ये प्रण
न ये सब दोहराएंगे
मतदाता हैं बस मतदाता
का ही फ़र्ज़ निभाएंगे
अब न हिन्दू न कोई सिख
न ही मुसलमान हो
मतदाता हो बस न किसी के
वोटों की दूकान हो
मतदान न कहना इसे
ये महापर्व है
विश्व से विशाल लोकतंत्र पर
जनता को गर्व है
समाज के सुधार का
ये अनोखा ही रण है
सोती जनता हेतु
पुनर्जागरण है
राजनीती के वंशवाद को
अब दूर भगाना है
पंडित और मुल्ला को जो
बना के गोटियां
धर्म के तवे पे
सेंकते हैं रोटियां
उन सियासतदारों को
अब धुल चटाना है
किसी भी क्षेत्र का हो
या कोई बाहुबली हो
अपराधी न चुनेंगे
कोई भी दली हो
काले धन पर अदालत
न्याय करेगी
स्विस बैंक के
खातेदारों से अब
जेल भरेगी
किसी भी व्यसन के
अब झांसे में न आयेंगे
समाज को विकास की
राह दिखाएंगे
दुर्जनों को दूर करके
ये कमाल दिखाएंगे
दुनिया में लोकतंत्र की
मिसाल बनाएंगे

दीपक पाण्डेय नैनीताल



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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

    deepak pande के द्वारा
    April 16, 2014

    badlav to avashyasambhavi hai asha hai yadi janta dharm aur jati se oopar uthkar vote ke to sakartmak hoga varna wahi log phir raaj karenge धर्म के नाम पर सियासत करेंगे आदरणीय योगी जी

    deepak pande के द्वारा
    April 15, 2014

    DHANYAWAAD AADARNIYA AANAND JEE

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
April 14, 2014

दुनिया में लोकतंत्र की मिशाल बनायेगे —नव भारत के निर्माण की बहुत सुंदर कल्पना दीपकजी,काश सच हो जाये ,हम सबके  विचारों को आपने शब्दों में पिरो दिया,धन्यवाद —बहुत स्तरीय रचना , बधाई .

    deepak pande के द्वारा
    April 14, 2014

    dhanyawaad aadarniya nirmala jee ye sab aapka apne is bhai ke prati prem hai jo main ye sab likhne ke layak bana hoon

sadguruji के द्वारा
April 14, 2014

किसी भी व्यसन के अब झांसे में न आयेंगे समाज को विकास की राह दिखाएंगे दुर्जनों को दूर करके ये कमाल दिखाएंगे दुनिया में लोकतंत्र की मिसाल बनाएंगे.आदरणीय दीपक पाण्डेय जी,बहुत अच्छी और संदेशपरक रचना.ऐसी सार्थक और शिक्षाप्रद कविता लिखने के लिए आपको बहुत बहुत बधाई.

    deepak pande के द्वारा
    April 14, 2014

    DHANYAWAAD AADARNIYA SADGURU JEE APKEE POST SUMAN BIKI NAHEE तथा वह गरीब महिला वाली पोस्ट पसंद आई परन्तु अथक प्रयास के बावजूद COMMENT नहीं हो पाया शायद स्पैम में चला जा रहा THA

yamunapathak के द्वारा
April 14, 2014

वाह दीपक जी बहुत ही सुन्दर और प्रेरक पंक्तियाँ …. मैं तो अब तक नहीं समझ पा रही हूँ की मत दूँ तो किसे दूँ ….सोच इतनी गहरी हो जा रही है की फैसले लेने मुश्किल कोई भी तो देश के विकास की कसौटी पर खरा उतरने वाला नेता नहीं दीखता सभी एक दूसरे को नीचे दिखाने में ही जुटे हैं . आपकी कविता बहुत अच्छी लगी साभार

    deepak pande के द्वारा
    April 14, 2014

    dhanyawaad aadarniya yamuna jee aap theek kehti hain kahee party sahee to candidate apradhi prishthbhoomi ka kahi candidate theek to party ka record bhrashtachari kahee nirdaliya theek to wah jeetne ke baad bik kar party me shamil hojayega bahut hee kathin hai

ikshit के द्वारा
April 12, 2014

ये है सच आज का प्रभाव ——– किसी भी व्यसन के अब झांसे में न आयेंगे समाज को विकास की राह दिखाएंगे दुर्जनों को दूर करके ये कमाल दिखाएंगे दुनिया में लोकतंत्र की मिसाल बनाएंगे ——– कायम रखिये – इच्छित

    deepak pande के द्वारा
    April 12, 2014

    धन्यवाद आदरणीय इच्छित जी आपका प्रोत्साहन मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है

aditya upadhyay के द्वारा
April 8, 2014

सर , आज के भारत की एक सच्ची कहानी ,जो आपने एक कविता के रूप मैं ,अतुल्य प्रस्तुत की है..धन्यवाद ऐसी सार्थक पंक्तियों से अवगत करने के लिए ….साभार

    deepak pande के द्वारा
    April 9, 2014

    DHANYAWAAD AADARNIYA AADITYA JEE KAVITA PAR MANTHAN HETU DHANYAWAAD


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