CHINTAN JAROORI HAI

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सच्चा नायक ( लघु कथा )

Posted On: 14 Apr, 2014 Junction Forum,Entertainment,Hindi Sahitya में

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सच्चा नायक
सीमेंट के बोरे उठाता वो वृद्ध ,उम्र लगभग चौसठ वर्ष रही होगी सर पर लम्बे चांदी जैसे सफ़ेद बाल आखिर क्या मजबूरी रही होगी .पूछने पर ज्ञात हुआ वो किसी सरकारी नौकरी से चार पूर्व रिटायर हुआ है ऑफिसर को रिश्वत न देने की वजह से अब तक पेंशन तथा अन्य किसी भी लाभ से वंचित है चार वर्ष से परिवार चलाने के लिए यहाँ मजदूरी को मजबूर है व्यवहारिक रूप से देखा जाय तो चन्द रुपये रिश्वत न देकर वह चार वर्ष से अपनी हजारों की पेंशन से वंचित है परन्तु न जाने वह कहता है की देश के सच्चा नागरिक होने के नाते वह रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को बढावा नहीं देना चाहता यह बताते हुए उसकी आँखों में एक गजब का तेज पाता हूँ सच इस देश को तुम्हारे जैसे ही नागरिकों की जरूरत है हे वृद्ध पुरुष तुम ही इस देश के सच्चे नायक हो उन दिनों मैं अन्य व्यक्तियों की तुलना में उस वृद्ध पुरुष को कम व्यवहारिक पाता था परन्तु आज किसी न किसी मजबूरी में लिप्त या पारिवारिक कारणों या पद के लालच को बहाना बनाकर भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे इस समाज को देखता हूँ तो हे वृद्ध पुरुष आपको ही अपनी जिंदगी का नायक मानता हूँ आप हमेशा मेरी नजरों में नायक थे नायक हो और नायक रहोगे



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
April 14, 2014

बहुत सार गर्वित लघु कथा,कामना है इसे बहुत सारे लोग पढ़ें और उस बृद्ध सच्चे नायक से  कुछ शिक्षा लें .लिखते रहें आदरणीय दीपक जी ,साभार .

    deepak pande के द्वारा
    April 21, 2014

    dhanyawad aadarniya nirmala jee yah mere jeewan se judi ek sachchi katha sarahna ke liye dhanyawaad

kavita1980 के द्वारा
April 14, 2014

हम सब अगर इतनी मानसिक शक्ति का परिचय़ दे पाते तो भ्रष्टाचार का ये दानव आज हमारे सर पर चढ कर यूॆ ऩर्ित्य न करता सा धुवाद इस वीर नायक को

    deepak pande के द्वारा
    April 21, 2014

    DHANYAWAAD AADARNIYA KAVITA जी


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