CHINTAN JAROORI HAI

जीवन का संगीत

166 Posts

978 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 14778 postid : 743333

बचपन याद आता है (जागरण जंक्शन फोरम)

Posted On: 20 May, 2014 कविता,Junction Forum,Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

नन्हा शिशु जब सामने हँसता हंसाता है
मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है
वो परीक्षाओं के चलते
छुट्टियों का इंतज़ार
वो बारिश की बूंदे भी
होता था एक त्यौहार
वो रसोई की चीनी भी
थी मिठाई का अम्बार
यादों का वो कारवां
कितना रुलाता है
मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है
…………………………………………….
वो पोले मुँह वाली दादी और नानी
हरा समंदर गोपी चन्दर मछली का पानी
वो पोशम्पा करती चोरों की कहानी
वो कोक्ला की पाकी जी में रात की रानी
वो राजा, वजीर, चोर, सिपाही की रवानी
घर से विदा होती गुड़िया वो सायानी
यादों का वो अम्बार दिलासा दिलाता है
मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है
…………………………………………….
वो गर्मियों की रातों में छतों पे सोना
खिलौनों की ज़िद पे वो बिना बात के रोना
छोटे से लालच के लिए वो पैसों का बोना
गुड़िया की सगाई में वो माला का पिरोना
स्कूल से बचने को वो नयनों को भिगोना
बड़े होने का देखना सपना वो सलोना
हर कोई कहानी वही सुनता सुनाता है
मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है
…………………………………………….
खेलते थे लंगड़ी टांग और वो आँख मिचोली
छुपन छुपाई ,पिट्ठू गरम ,वो रंगो की होली
वो लूडो ,वो कैरम वो कंचों की झोली
मिटटी से खेलना एक दूजे से ठिठोली
एक ही आँगन में सब खेलते थे हमजोली
जन्माष्टमी के दिनों में बनाते थे रंगोली
सोच कर ये मन भी मेरा गुदगुदाता है
मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है
…………………………………………….
सही गलत का कोई विधान नहीं था
लड़का ,लड़की का भी कोई ज्ञान नहीं था
न था कोई हिन्दू ,कोई मुसलमान नहीं था
अमीरी और गरीबी का भी भान नहीं था
कोई ना अपना पराया कोई मेहमान नहीं था
मोहल्ला था परिवार कोई अनजान नहीं था
न था कोई रिश्ता मगर अब तक बुलाता है
मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है
…………………………………………….

दीपक पाण्डेय
जवाहर नवोदय विद्यालय
नैनीताल



Tags:         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (5 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

56 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

swadhapandey के द्वारा
May 31, 2014

सुंदर कविता …………… बचपन की याद दिला गयी

    deepak pande के द्वारा
    June 3, 2014

    dhanyawaad aadarniya meri kavita safal rahee yadee ye apko apne bachpan kee yaad dilaane me kargar siddh hui sadar dhanyawaad

meenakshi के द्वारा
May 29, 2014

दीपक जी, बचपन की सुन्दर झलक को जिस खूबसूरती से आपने पेश किया ,आपको बहुत -२ बधाई .साथ ही साप्ताहिक श्रेष्ठ ब्लागर के लिए भी आपको बधाई ! मीनाक्षी श्रीवास्तव

    deepak pande के द्वारा
    June 3, 2014

    dhanyawaad aadarniya meenakshi apka mere blog me aana hee mere liye sabse bada protsahan hai

Shivendra Mohan Singh के द्वारा
May 29, 2014

बचपन के जीवन के हर पहलू को छूती हुई, दिल को छूने वाली रचना, साथ ही साथ ब्लॉगर ऑफ़ द वीक बनने के लिए हार्दिक बधाई.

    deepak pande के द्वारा
    June 3, 2014

    dhanyawaad aadarniya shivendra jee blog me aapka hamesh swaagat hai blog me aane hetu sadar aabhaar

Shobha के द्वारा
May 28, 2014

बचपन को लेकर बहूत सुन्दर लिखा है सही गलत का कोई विधान नहीं ,वाकई बचपन बहूत निर्दोष होता है डॉ शोभा भारद्वाज

    deepak pande के द्वारा
    June 3, 2014

    dhanyawaad aadarniya shobha jee saadar aabhaar

May 26, 2014

सुन्दर अभिव्यक्ति व् यादें .

    deepak pande के द्वारा
    May 27, 2014

    dhanyawaad aadarniya shalini jee

Alka के द्वारा
May 26, 2014

दीपक जी , बेस्ट ब्लॉगर बनने के लिए बधाई | सहज और सुन्दर शब्दों से रची सुन्दर कविता फिर से मुझे बचपन में ले गयी |

    deepak pande के द्वारा
    May 26, 2014

    dhanyawaad aadarniya alka jee meri kavita aapko bachpan me le gayee mere liye ye hee sabse bada protahan hai

deepak pande के द्वारा
May 26, 2014

BEST BLOGGER CHUNE JAANE KE LIYE जागरण संपादकीय परिवार का तहे दिल से शुक्रिया

brijesh kumar के द्वारा
May 26, 2014

इस सप्ताह के बेस्ट ब्लॉगर चुने जाने के लिय आपको तहे दिल से बधाई दीपक पाण्डेय जी। सच मे आपने बचपन की सारी धमा-चौकरी को एक साथ पिरोया है आपने —- आपको साधुवाद

    deepak pande के द्वारा
    May 26, 2014

    kavita ko samman dene ke liye sadar dhanyawaad aadarniya brijesh jee aapka blog par padharna hee mere liye protsahan hai

बचपन की समस्त यादो को बहुत ही खूबसूरती से पिरोया है..हृदयस्पर्शी भावपूर्ण रचना हेतु आभार …आदरणीय दीपक जी

    सप्ताह के बेस्ट ब्लोगर चुने जाने हेतु हार्दिक बधाई..

    deepak pande के द्वारा
    May 26, 2014

    धन्यवाद आदरणीय शिल्पा जी ब्लॉग में आने और कविता पर मंथन के लिए सादर आभार

    deepak pande के द्वारा
    May 24, 2014

    dhanyawaad aadarniya yogi jee kavita par mantan hetu sadar aabhaar

OM DIKSHIT के द्वारा
May 24, 2014

पाण्डेय जी,बहुत सुन्दर, बचपन के मनमोहक भाव.बधाई.

    deepak pande के द्वारा
    May 24, 2014

    aadarniya om jee bahut bahut dhanyawaad blog me aane ke liye aabhaar

nishamittal के द्वारा
May 24, 2014

बधाई सुन्दर रचना पर सम्मान के लिए

    deepak pande के द्वारा
    May 24, 2014

    dhanyawaad aadarniya nisha jee sadar aabhaar

kavita1980 के द्वारा
May 24, 2014

बधाई हो दीपक जी ;बचपन की अनगिनत यादों को बांध लिया आपने शब्दों में –अद्भुत चितेरे हैं आप; खाका सा खींच देते हैं शब्दों से यादें मानो सजीव हो जाती हैं –

    deepak pande के द्वारा
    May 24, 2014

    dhanyawaad aadarniya kavita jee itnee tareef ye sab aapka badappan hai jo apko doosro ko tareef ke madhyam se protsahan diya karta hai sadar abhaar

ranjanagupta के द्वारा
May 24, 2014

आदर णीय दीपक जी !उस बचपन की सारी यादे आपकी यादो में समाहित होगई ! यही तो थे ,उस काल खंड में प्राय: हम सभी लोगो के प्रिय खेल कूद !बेस्ट ब्लागर बनने की बहुत बहुत बधाई !!

    deepak pande के द्वारा
    May 24, 2014

    dhanyawad aadarniya bisht jee main dhanya hua yadi is kavita ne aapke man ko chhuaa

    deepak pande के द्वारा
    May 24, 2014

    dhanyawaad aadarniya ranjana jee jo apne bachpan ke khel dhyan aate gaye bas likhta gaya sarahana ke liye aabhaar sadar

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
May 23, 2014

दीपक जी बधाई आपको । बचपन की यादों को समेटे यह कविता मन को छूती है ।

jlsingh के द्वारा
May 23, 2014

साप्ताहिक सम्मान की बधाई आदरणीय दीपक पाण्डे जी!

    deepak pande के द्वारा
    May 24, 2014

    dhanyawaad aadarniya jawahar jee

SATYA SHEEL AGRAWAL के द्वारा
May 23, 2014

दीपक जी,सर्व प्रथम बेस्ट ब्लॉगर होने की बधाई स्वीकार करें,आपने तो मुझे मेरे बचपन की याद दिला दी. वास्तव में ऐसा ही था हमारा बचपन ,कितना सुहाना था हमारा बचपन,अब तो बस यादें ही रह गयी हैं.बहुत ही सुंदर कविता ,

    deepak pande के द्वारा
    May 23, 2014

    dhanyawaad aadarniya satyasheel jee yadi meri kavita ne aapko bachpan kee yaad dilaayee to mera kavita likhna sarthak hua samay samay par aapke protsahan se hee yah kavita kee rachna kar saka

lakshmivp के द्वारा
May 23, 2014

बचपन का सममपूरण चित्रण आपने बहुत सुंदर रूप से किया है 

    deepak pande के द्वारा
    May 23, 2014

    dhanyawaad aadarniya lakshmi jee blog me agaman par sadar aabhaar

dukhbhanjan के द्वारा
May 23, 2014

‘अज़ीब ओ करम’ हैं ये ‘बचपन’ की रुसवाईयाँ , ‘फक़त’ बे-मानी सी हो जातीं हैं ये जवानी की रवानियाँ। -संजीव शर्मा

    deepak pande के द्वारा
    May 23, 2014

    bahut bahut shukriya aadarniya sanjeev jee kavita par manthan ke liye dhanyawaad

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
May 23, 2014

सप्ताह के बेस्ट ब्लोगर चुने जाने की हार्दिक बधाई ,दीपकजी ,कविता है ही इतनी सर्वोत्तम .अनेक शुभकामनायें .

    deepak pande के द्वारा
    May 23, 2014

    bahut bahut dhanyawaad adarniya nirmala jee yah sab samay samay par aapke protsahan ka hee parinam hai apne is bhrata ke liye

ashokkumardubey के द्वारा
May 22, 2014

दीपक पण्डे जी बहुत बहुत बधाई आप बेस्ट ब्लागर चुने गए .आपकी कविता को पढ़कर सचमुच अपना बचपन भी याद आ गया

    deepak pande के द्वारा
    May 23, 2014

    blog me aane ke liye sadar aabhaar aadarniya ashok jee

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
May 22, 2014

पाण्डेय जी पचपन मैं बचपन की यादें अति सुन्दर चलो खेलें छुपा छुपइया ..ओम शांति शांति शांति

    deepak pande के द्वारा
    May 23, 2014

    dhanyawaad aadarniya harishchandra jee mujhe khushee hai meri kavita aapko chupan chhupai kee yaadon tak le gayee

Neha Verma के द्वारा
May 22, 2014

दीपक जी बहुत ही खूबसूरत पंक्तियों में बयां की आपने बचपन की यादें… धन्यवाद इस खूबसूरत रचना से हमारा साक्षात्कार कराने के लिए…

    deepak pande के द्वारा
    May 22, 2014

    धन्यवाद आदरणीय नेहा जी ब्लॉग में पधारने और कविता पर मंथन के लिए

sadguruji के द्वारा
May 22, 2014

आदरणीय दीपक पांडेजी ! बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक चुने जाने की बधाई ! बहुत अच्छी रचना ! सही गलत का कोई विधान नहीं था लड़का ,लड़की का भी कोई ज्ञान नहीं था न था कोई हिन्दू ,कोई मुसलमान नहीं था अमीरी और गरीबी का भी भान नहीं था कोई ना अपना पराया कोई मेहमान नहीं था मोहल्ला था परिवार कोई अनजान नहीं था न था कोई रिश्ता मगर अब तक बुलाता है मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है.

    deepak pande के द्वारा
    May 22, 2014

    dhanyawaad aadarniya sadgurujee ye sab aap ka hee protsahan aur aasheerwaad ka nateeza hai sadar आभार

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
May 22, 2014

सही गलत का भी कोई विधान नहीं था ,लड़का लडकी का भी कोई ज्ञान नहीं था .न था कोई हिन्दू कोई मुसलमान नहीं था,अमीरी गरीबी का भी कोई भान नहीं था . —-बचपन की बिसरी स्मृतियों को आपने सामने रख दिया,दीपकजी ,सच्ची कविता एक आइना होती है जिसमे सब अपना अक्श देखते हैं ,बहुत अच्छी एवं सच्ची कविता के लिए हार्दिक बधाई .

    deepak pande के द्वारा
    May 22, 2014

    dhanyawaad aadaniya nirmala jee ye ek paraki hee samajh sakta hai ki kavita me kitnee sachchai hai apne kavita kee sachchai ko parakh aur pehchan liyaa bahut bahut dhanyawaad

jlsingh के द्वारा
May 20, 2014

बचपन बहुत सारी यादें आपने सहेजकर रखी हुई है. …आपने हमसबको अपने बचपन की याद दिला दी जिद हम भी करते थे, माँ से पिटते थे …पर पिताजी से डरते कभी न कहते थे. जैसे ही होता मालूम पिताजी को, देने का आदेश सुनाते थे माँ को. मुझे भी मेरा बचपन याद आता है अब तो बचपन कहाँ होती जिद है इच्छा करने से ही उपलब्ध होती चीज है … सादर!

    deepak pande के द्वारा
    May 21, 2014

    dhanyawaad aadarnia जवाहर जी मुझे लगता है बचपन sabhee का लगभग एक jaisa hee hota है

rajanidurgesh के द्वारा
May 20, 2014

दीपकजी , बहुत ही मन को छू लेने वाली कविता . आपकी लेखनी लाजवाब है बधाई

    deepak pande के द्वारा
    May 21, 2014

    धन्यवाद rajni जी मेरी कविता ने किसी के दिल को छुआ यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है ब्लॉग में पधारने हेतु धन्यवाद

sadguruji के द्वारा
May 20, 2014

नन्हा शिशु जब सामने हँसता हंसाता है मुझको भी बचपन मेरा तब याद आता है.बहुत सुन्दर रचना.आपने बचपन की याद दिला दी.आपको बहुत बहुत बधाई.

    deepak pande के द्वारा
    May 20, 2014

    dhanyawaad aadarniya sadguru jee


topic of the week



latest from jagran