CHINTAN JAROORI HAI

जीवन का संगीत

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जमात कहाँ गया हुर्रियात कहाँ गया

Posted On: 9 Sep, 2014 Others,कविता,Junction Forum में

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नजर गयी जहाँ
जल का ही निशाँ
मदद के लिए बस
सेना का ही जवाँ
हरदम जो छेड़ता
जज्बात कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
…………………….
जान जान बेहाल है
सब खस्ता हाल है
बाढ़ ने बनाया ऐसा
सूरत ए हाल है
चंदा कहाँ गया वो
ज़कात कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
…………………….
मदद को भी नहीं
कोई बाशिंदा है
बस वर्दी में जवान
या सरकारी कारिंदा है
जश्न ए वादी का वो
ख्यालात कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
…………………….
जन को विरुद्ध किया
बस छद्म युद्ध किया
शांति के मार्ग को
सदा अवरुद्ध किया
कल तक जो बांटता
था खैरात कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
…………………….
मसले कहाँ आतंक से
हल ही होते हैं
माएँ बिलखती हैं
मासूम रोते हैं
सँवारने को आया
था हालात कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
……………………..
जिहाद महज़ नहीं
किसी का खूं बहाना है
इंसान को इंसानियत
का पाठ पढ़ाना है
पड़ने वाला इंसानियत
का पाठ कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
……………………..
कश्मीर को स्वर्ग बनाने
का भरता था जो दम
साथ जीने मरने की
जो खाता था कसम
छोड़ कर वो तुम्हारा
साथ कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
……………………..
हाथ में तुम्हारे बस
हथियार ही दिये
कलम के बजाय मासूम
को तलवार ही दिये
देने वाला वो जन्नत की
सौगात कहाँ गया
जमात कहाँ गया
हुर्रियात कहाँ गया
……………………..



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ravinder kumar के द्वारा
September 12, 2014

दीपक जी, सादर नमस्कार. अब ना तो जमात का पता है ना ही हर्रियत का. इन लोगों के लिए कश्मीरी मोहरे से अधिक कुछ नहीं. जिन सुरक्षा बलों पर ये पत्थर बरस्वाते थे वही सुरक्षा कर्मी आज कश्मीरियों के जान माल को बचाने में लगे हैं. हाथ में तुम्हारे बस हथियार ही दिये कलम के बजाय मासूम को तलवार ही दिये देने वाला वो जन्नत की सौगात कहाँ गया जमात कहाँ गया हुर्रियात कहाँ गया दीपक जी बेहतरीन रचना, आपको बधाई.

    deepak pande के द्वारा
    October 2, 2014

    dhanyawaad aadarniya ravinder jee blog me aane aur manthan karne ka shukriya

sadguruji के द्वारा
September 10, 2014

जान जान बेहाल है सब खस्ता हाल है बाढ़ ने बनाया ऐसा सूरत ए हाल है चंदा कहाँ गया वो ज़कात कहाँ गया जमात कहाँ गया हुर्रियात कहाँ गया ! आदरणीय दीपक पाण्डे जी ! इस उत्कृष्ट रचना के लिए अभिनन्दन और बधाई ! कश्मीर में आई बाढ़ का सजीव और विचारणीय चित्रण ! कश्मीरियों के मसीबत के समय में भारत सरकार और भारतीय सेना ही अब काम आ रही है ! शायद अब उनकी अलगाववाद और आतंकवाद का समर्थन करने वाली नकारात्मक सोच कुछ बदले ! बहुत सुन्दर कविता ! उर्दू व हिंदी के शब्दों का सुन्दर प्रयोग ! नए अवतार में मंच पर आने की भी बधाई ! अपने आत्मिक प्रेम और शुभकामनाओं सहित !

    deepak pande के द्वारा
    September 10, 2014

    dhanyawaad aadarniya sadgurujee aap sab ke protsahan se hee itna sab likhne me saksham hua hoon saadar aabhaar

pkdubey के द्वारा
September 10, 2014

एकदम सच लिखा आप ने,अब कोई अलगाववादी नहीं दिख रहा और हाफिज सईद,प्रधानमंत्री  पर दोष लगा रहा,अब तो पाकिस्तान में भी जो हो रहा,वह भी मोदी के कारण ही,कल को अमेरिका भी कहने लगे,उनके देश में जो बाढ़ आ रही वह भी मोदी के कारण ,तो कोई आश्चर्य नहीं,शायद नियत भी मोदी जी के साथ है| सादर आभार आदरणीय |

    deepak pande के द्वारा
    September 10, 2014

    dhanyawaad aadarniya doobey jee kal news me khabar padkar likhe bina na rah saka aaj ye sab jihadi kaha hai kya ye kewal atank failane ke hee liye hain


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