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चहुँओर होली का रंग है(जागरण जंक्शन फोरम)

Posted On: 1 Mar, 2015 कविता,Junction Forum,Special Days में

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फाल्गुन के मधु मास में
उत्तेजना व उल्लास में
हर कोई मस्त मलंग है
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

कोयल की नयी कूक है
मन में उठी इक हुक है
आमों में नया बौर है
हर कोंपल चितचोर है
ह्रदय में बसी उमंग है
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

सजनी में नयी नज़ाकत है
सजना में नयी शरारत है
जल से भीगा सब अंग है
चोली भी आज कुछ तंग है
कल्पनाओं की नयी तरंग है
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

भाभी भोर से जागी है
देख देवर को भागी है
पानी को देख डरी हुई
चुनरी रंगों से भरी हुई
भैय्या भी संग संग है
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

आँगन में भरी फुलवारी है
बच्चों के हाथ पिचकारी है
पानी से रँगे गुब्बारें हैं
मुँह पे होली के नारे हैं
हुड़दंग में नंग धडंग हैं
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

गुझिया मावे की भरी हुई
पकोड़ी ताज़ी तली हुई
खाकर मस्त दीवाने हैं
ग़मों से सब अनजाने हैं
हवाओं में मिली भंग है
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

सब दूर हुए शिकवे गिले
एक दूजे से सब गले मिले
न कोई धर्म न जाति है
होली सबको बुलाती है
एकता का अनूठा ढंग है
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

अबकी होली में संकल्प हो
हर सोच में काया कल्प हो
सिद्धांत कुछ नए बना डालें
होली भ्रष्टाचार की जला डालें
विकास की नयी तरंग है
चहुँओर होली का रंग है
…………………………

दीपक पाण्डेय
नैनीताल



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

vaidya surenderpal के द्वारा
March 4, 2015

बहुत सुन्दर रचना। आपको होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं

    deepak pande के द्वारा
    October 8, 2015

    dhanyawaad aadarniya sunderpal jee vyast rehne kee vajah se kai dino tak comment nahee likh saka

rajanidurgesh के द्वारा
March 1, 2015

दीपकजी होली पर संकल्प की बात कविता के माध्यम से प्रस्तुति सराहनीय है.बधाई!

    deepak pande के द्वारा
    March 1, 2015

    dhanyawaad aadarniya rajnee blog me aane aut kavita par manthan ke liye hardik aabhaar

jlsingh के द्वारा
March 1, 2015

बहु भांति रंग में रंगी हुई, कविता दीपक की सगी हुई, त्यौहार में आ सब मिले गले, सब राग द्वेष को अब भूलें, मन में जगी आज फिर से उमंग है, चहुओर छाई जैसे पवन में ही भंग है! आपको होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं पाण्डे जी!

    deepak pande के द्वारा
    March 1, 2015

    dhanyawaad aadarniya jawahar jee aapkee tipppani pad kar to man holi ke rang me prafullit ho utha margdarshan evam protsahan hetu dhanyawaad


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