CHINTAN JAROORI HAI

जीवन का संगीत

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मियाँ तुम शेर हो अगर तो शेर कहो शेर की तरह

Posted On: 22 Oct, 2015 Others,कविता,Junction Forum,Hindi Sahitya में

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मियाँ तुम शेर हो अगर तो शेर कहो शेर की तरह
सियासी हथकंडे शायरी में यूँ अपनाये नहीं जाते
………………………………………………………
गर होता है अन्याय तो आग उगलती है लेखनी
तमगे बेवजह विरोध में यूँ ही लौटाए नहीं जाते
………………………………………………………
झुकता है हिन्दोस्ताँ जिसकी याद में अब भी
वो कलाम खुद ही बनते हैं बनाये नहीं जाते
………………………………………………..
हो हामीद या भगत शहीद कहलाते हैं जवान
वो हिन्दू या मुसलमान कहलाये नहीं जाते
………………………………………………
हो बशीर या राहत शायरों की है कहाँ कमी
फनकार दुश्मन के घर से बुलवाये नहीं जाते
…………………………………………………..
अन्धकार मिटाने का तरीका है बड़ा सरल
जलाये जाते हैं चिराग बुझाए नहीं जाते

दीपक पाण्डेय
नैनीताल



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
October 26, 2015

आदरणीय दीपक जी, शेर तो दुरुस्त कहे हैं जी आपने, फनकार सीमा में बंधाये नहीं जाते बस मैंने अपनी राय रक्खी प्रधान मंत्री ने भी नवाज शरीफ को शाल भिजवाई थी. और गुलाम अली को रोकने का दुःख जताया था.अब राय तो अपनी अपनी हो ही सकती है. सादर!

    deepak pande के द्वारा
    October 26, 2015

    dhanyawaad aadarniya jawahar jee rachna par manthan par dhanyawaad ho sakta hai is vishay par hamare vichaar alag alag ho magar ham to likhte hain kisi ek vyakti ya siyasat ke anusar nahee usme vicharon ka antar samanya baat hai

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
October 24, 2015

झुकता है हिन्दोस्ताँ जिसकी याद में अब भी वो कलाम खुद ही बनते हैं बनाये नहीं जाते ……………………………………………….. हो हामीद या भगत शहीद कहलाते हैं जवान वो हिन्दू या मुसलमान कहलाये नहीं जाते ………………………………………सच्चाई से भीगा हुआ व्यंग ,बहुत सुंदर रचना ,मै व्यस्तता की वज़ह से देर से पढ़ पाई ,लिखते रहिये दीपक भाई .

    deepak pande के द्वारा
    October 24, 2015

    DHANYAWAAD AADARNIYA NIRMALA DEEDEE APNEE RACHNA PAR AAPKA BADEE BESABRI SE INTEZAAR REHTA HAI EK PROTSAHAN MILTA HAI HAR BAAR AAPSE AGLEE BAAR KUCHH ALAG LIKHNE KE LIYE

Shobha के द्वारा
October 23, 2015

श्री दीपक जी कविता तो अच्छी है ही हेडिंग भी उत्तम हो बशीर या राहत शायरों की है कहाँ कमी फनकार दुश्मन के घर से बुलवाये नहीं जाते ………………………………………………….. अन्धकार मिटाने का तरीका है बड़ा सरल जलाये जाते हैं चिराग बुझाए नहीं जाते बेहद पसंद

    deepak pande के द्वारा
    October 23, 2015

    dhanyawaad aadarniya shobha jee kavita par tippani aur utsahvardhan ke liye saadar aabhaar


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